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Thursday, 8 October 2020
NT24 News : बिहार वासी प्रवासी नही, भारतवासी हैं : तिवारी
बिहार वासी प्रवासी नही, भारतवासी हैं : तिवारी
चण्डीगढ़ भाजपा अपने
राजनीतिक फायदे के लिए बिहारवासियों को प्रवासी का दर्जा दे रही है
यूपी-बिहार के स्थानीय
भाजपा नेता प्रवासी शब्द इस्तेमाल होने पर मौन क्यों हैं?
एन टी 24 न्यूज़
विनय कुमार शर्मा
चण्डीगढ़
चण्डीगढ़ कांग्रेस महासचिव व पूर्वांचल विकास महासंघ, ट्राईसिटी, चण्डीगढ़ के अध्यक्ष शशिशंकर तिवारी नें चंडीगढ़ भाजपा नेताओं को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि एक तरफ भाजपा कहती है कि देश मे एक संविधान, एक निशान, एक पहचान होनी चाहिए। वहीँ बिहार विधानसभा का चुनाव हो रहा हैं तो अपने राजनीतिक फायदे के लिए प्रवासी बिहार जनसंपर्क अभियान चला रही है। शायद भाजपा नेता यह भूल रहे हैं कि चण्डीगढ़ मे बिहार के लोग रहने वाले प्रवासी नही, भारतवासी है। प्रवासी शब्द वहां पर लागू होता हैं जो बाहर देश से आया हुआ व्यक्ति है। इन लोगो नें अपने राजनीतिक स्वार्थ एवं वोटों के लिए अपने ही देश मे बिहारवासियों को प्रवासी बना दिया। उन्होंने कहा कि नगर कांग्रेस जोरदार विरोध करती हैं।
सबसे बड़ी बात है कि चण्डीगढ़ व पंजाब मे यूपी, बिहार के इलावा देश के हरेक राज्य
का व्यक्ति रहता है। लेकिन सिर्फ उत्तर प्रदेश, बिहारवासियों
को ही प्रवासी, भईये, पूर्वी कहकर
क्यूँ पुकारा जाता है और इनको अलग नज़रिए से क्यूँ देखा जाता है। यह एक गंभीर विषय
है। तिवारी ने कहा कि भाजपा में जो बिहार ,पूर्वांचल व उत्तरप्रदेश के नेता
हैं वह भी पार्टी के बाहर फार्म पर तो भईये व प्रवासी शब्द का विरोध करते हैं
लेकिन जब भाजपा के मंच पर से ही प्रवासी शब्द कहा जाता हैं तो यूपी, बिहार के नेता मूकदर्शक बनकर सुनते रहते हैं। प्रवासी शब्द का इस्तेमाल करने वाले नेता यह भूल गए हैं क़ी
बिहारवासी यहाँ 50-50 साल से
रह रहे है और उनकी तीन - टीम पुश्तें यही पर बस चुकीं हैं। इसलिए उन्हें प्रवासी
कहने से पहले एक बार अवश्य ये बात सोच लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ अपनी राजनीतिक
फायदे के लिए बिहारवासियों को प्रवासी कहा जाएगा तो इसका डट कर विरोध किया
जाएगा।
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Monday, 5 October 2020
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तिवारी
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NT24 News : अमृतसर में हाउसिंग डिमांड में प्रभावशाली.......
अमृतसर में हाउसिंग डिमांड में प्रभावशाली
वृद्धि देखी गई : रिपोर्ट
एन टी 24 न्यूज़
विनय कुमार शर्मा
अमृतसर
हाउसिंग डिमांड जो भारत के शीर्ष 8 शहरों में अधिक है, अब देश
के टियर व 3 शहरों (शैडो सिटीज) में भी तेजी से बढ़ रही है।
हाउसिंगडॉटकॉम द्वारा किये गए एक शोध के अनुसार यह डिमांड नेशनल लॉक डाउन के
पश्चात अधिक प्रमुख रही है। शोध ने शैडो सिटीज से आवासीय मांग में वृद्धि देखी है
और हाल ही में लॉन्च किए गए वर्चुअल रेजिडेंशियल डिमांड इंडेक्स में कहा गया है कि
छोटे शहरों से मांग लगातार बढ़ रही थी। हाउसिंगडॉटकॉम, मकानडॉटकॉम
और प्रॉपटाइगरडॉटकॉम के ग्रुप सीईओ ध्रुव अगरवाला ने जानकारी देते हुए कहा पिछले
कुछ महीनों के दौरान हमारे हाउसिंगडॉटकॉम प्लेटफॉर्म पर हमने विशेष रूप से
गैर-मेट्रो शहरों जैसे अमृतसर, चंडीगढ़, वड़ोदरा, नागपुर, आवासीय
संपत्तियों के लिए रूचि में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख
किया गया है कि हालांकि इन टीयर 2 व 3 शहरों
में विकास एक मद्धम गति से आगे बढ़ा है और वर्तमान महामारी संचालित संकट ने
संरचनात्मक परिवर्तन ला दिया हैं इस परिवर्तन से टीयर 2 व 3 शहरों की बाजार में तेजी आई है। आगरा और
अमृतसर जैसे शहरों में पोस्ट कोविड में आभासी आवासीय मांग में 100 प्रतिशत से अधिक की प्रभावशाली वृद्धि देखी गई, जबकि वडोदरा, लुधियाना, मंगलुरु,
चंडीगढ़ और लखनऊ के शहरों में आवासीय मांग में 80 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई है । इसके विपरीत शीर्ष 8 शहरों में प्री-कोविड अवधि में आवासीय स्थानों के लिए आभासी मांग
में अपेक्षाकृत कम वृद्धि देखी गई है।











