पंजाब के राज्यपाल से मिला नैशनल शेड्यूल्ड कास्टस अलायंस का प्रतिनिधिमंडल,
पीएमएस घोटाले में दोषियों के खिलाफ सीबीआई जांच की करी मांग
पंजाब के राज्यपाल से मिला नैशनल शेड्यूल्ड कास्टस अलायंस का प्रतिनिधिमंडल,
पीएमएस घोटाले में दोषियों के खिलाफ सीबीआई जांच की करी मांग
सिद्धू ने रेत माफिया से जुड़े विधायकों को संरक्षण
देकर और उन्हें मेरे खिलाफ भडक़ा कर अपने स्वार्थ को उजागर कर दिया: कैप्टन
अमरेन्दर सिंह
एन टी 24 न्यूज़
विनय कुमार शर्मा
चंडीगढ़
पंजाब के पूर्व मुख्य मन्त्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने
नवजोत सिंह सिद्धू के इस दावे को हास्यास्पद बताया कि वे रेत माफिया के खिलाफ लड़
रहे हैं। उनका कहना था कि सिद्धू ने ही तो माफिया से जुड़े विधायकों के साथ मिल कर
सितम्बर में मेरे खिलाफ विद्रोह किया था। इससे साफ जाहिर है कि वे उन्हें संरक्षण
दे रहे हैं और उनका हित भी इन लोगों के साथ जुड़ा हुआ है। पंजाब लोक कांग्रेस
(पी.एल.सी.) अध्यक्ष कैप्टन अमरेन्द्र सिंह का कहना था कि सिद्धू ने जिन विधायकों
को लेकर उनके खिलाफ विद्रोह किया उनमें से कइयों के रेत माफिया से प्रत्यक्ष या
अप्रत्यक्ष सम्बन्ध हैं और उनकी हिस्सेदारी है। ये तथ्य स्वयं साबित करते हैं कि
पंजाब प्रदेश कांग्र्रेस कमेटी अध्यक्ष की साख संदिग्ध है। उनका कहना था कि मसला
यहीं खत्म नहीं हो जाता। ये भी वास्तविकता है कि सिद्धू की देश विरोधी ताकतों
जिनमें उसके पाकिस्तानी मित्र भी शामिल हैं से काफी सांठगांठ है। सिद्धू के
पाकिस्तानी दोस्तों ने इस बात के लिए भी बहुत कोशिश की कि उन्हें प्रदेश
मन्त्रिमण्डल में शामिल किया जाए जिससे ये साफ हो गया कि सिद्धू की वफादारी कहां
हैं,
उसका स्वार्थ क्या है और उसका पंजाब के हितों से कोई वास्ता नहीं
है। अपने खिलाफ सिद्धू द्वारा लगाए गए आरोपों कि मुख्य मन्त्री रहते हुए उन्होंने
(कैप्टन अमरेन्दर) माफिया के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया, कैप्टन
ने कहा कि उन्होंने इसे रोकने के लिए न केवल हर सम्भव प्रशासनिक कदम उठाए बल्कि
कांग्रेस अध्यक्षा से कहा कि वे माफिया से गठजोड़ रखने वाले विधायकों व पार्टी
नेताओं के खिलाफ कदम उठाने के लिए उन्हें स्पष्ट निर्देश दें। पी.एल.सी. अध्यक्ष
का कहना था कि यदि सिद्धू माफिया के खिलाफ कार्रवाई को लेकर वाकई गंभीर हैं तो
उन्हें चाहिए कि वे अपने कांग्रेस नेतृत्व से जाकर इस बात का जवाब मांगें कि जब
उन्होंने (कैप्टन अमरेन्दर) स्पष्ट और आवश्यक निर्देश कार्रवाई के लिए मांगे थे तो
उन्हें वे क्यों नहीं दिए गए। आगे उनका कहना था कि पंजाब के वे कांग्रेस विधायक
जिनका माफिया से सीधा सम्बन्ध है और जिनके बारे में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्षा को
बताया था वे तो उन्हें हटाए जाते वक्त कांग्रेस नेतृत्व के सीधे सम्पर्क में थे।
पूर्व मुख्य मन्त्री ने कहा कि सबसे ताज्जुब की बात तो ये है कि कांग्रेस हाई कमान
ने सिद्धू समर्थित इन विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए मुझे ही मुख्य
मन्त्रीपद से हटा दिया। पी.एल.सी. नेता का कहना था कि अब जबकि वे कांग्रेस को
अलविदा कह चुके हैं उसके बाद भी सिद्धू जिस शिद्दत के साथ उनके खिलाफ आधारहीन आरोप
लगा रहे हैं उससे साबित होता है कि वे अपने आप को कितना असुरक्षित महसूस कर रहे
हैं। उनका कहना था कि मेरा राजनीतिक प्रभाव और महत्व कम करने के चक्कर में सिद्धू
अपनी पार्टी की ही ऐसी-तैसी करने पर तुल गए हैं। आपसी कलह के कारण कांग्रेस का
बुरा हाल हो गया है। सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्नी आपसी लड़ाई के जरिए ये सुनिश्चित
कर रहे हैं कि प्रदेश में पार्टी का पूरी तरह से सफाया हो जाए।
मंजू राणा ने केबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह पर गलत शब्दावली प्रयोग करने का पर केस किया दायर
एन टी 24 न्यूज़
विनय कुमार शर्मा
कपूरथला
आम आदमी पार्टी की हल्का कपूरथला उम्मीदवार मंजू राणा
पूर्व अतिरिक्त सेक्शन जज ने कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह पर किया गलत
शब्दावली इस्तेमाल करने का केस दायर कर दिया है सी जे एम् माननीय जसबीर सिंह
की अदालत में आज मंजू राणा के वकील सुकेत गुप्ता और मणित मल्होत्रा ने जिरहा की ओर
जिसके बाद कोर्ट ने थाना सिटी स्टेटस रिपोर्ट काल कर ली है और अगली तारीख 1 फरवरी
डाली है।
आरोप-प्रत्यारोप की ओछी राजनीति छोड़ जनता के हितों की करें बात: गढ़ी
एन
टी 24 न्यूज़
विनय
कुमार शर्मा
चंडीगढ़
बसपा
प्रदेश अध्यक्ष सरदार जसवीर सिंह गढ़ी ने कांग्रेस व आप के फोटो को नेताओं को एक
दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की ऊंची राजनीति करने की बजाय कर्ज तले दबे हुए पंजाब के
विकास व जनता के हितों की बात करने की सलाह दी। गढ़ी ने कहा की यह पंजाब पर संकट
का समय है। इस समय निजी फायदे भूलकर सभी राजनीतिक दलों को प्रदेश के हितों की व
जनता के हितों की बात करनी चाहिए व पंजाब को एक बार फिर से विकास की ओर अग्रसर
होने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। गढ़ी ने बताया कि बसपा गठजोड़ की सरकार बनते ही
पहली कैबिनेट मीटिंग में पंजाब को कर्ज मुक्त करने का ठोस रोडमैप होगा पेश, इस बाबत लगातार सुखबीर
बादल से परामर्श हो रहा है। गढ़ी ने अरविंद केजरीवाल, नवजोत सिद्धू, चरणजीत चन्नी व कैप्टन अमरिंदर सिंह पर सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा
कि यह सब एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की ओछी राजनीति करने में लगे हुए हैं और
सूबे की भोली-भाली लेकिन कर्ज में डूबी हुई जनता को संकट से उबारने की कोई बात
नहीं करता । बसपा इस बार 20 सीटों से चुनाव लड़ रही है और
सदा से ही आम जनता के विकास व हितों के लिए प्रयासरत है व सदा रहेगी।
पटियाला के काली माता मंदिर में एक युवक द्वारा हिन्दू धर्म का अपमान राष्ट्र विरोधी तत्वों की करतूत : कालिया
एन टी 24 न्यूज़
विनय कुमार शर्मा
कपूरथला
पंजाब विधानसभा चुनाव
के मुहाने पर खड़ा है और ऐसे में कई जगह हुए बेअदबी कांड सियासतदानों के लिए एक
बड़ा मुद्दा बन सकते हैं। फिलहाल आज पटियाला में मंदिर में हुई घटना को लेकर
हिन्दू भावनाएं आहत हुई हैं। इस घटना की कड़े शब्दो में निंदा करते हुए शिव सेना बाल ठाकरे के प्रदेश
प्रवक्ता ओमकार कालिया ने कहा कि पंजाब चुनावी मुहाने पर खड़ा है। लेकिन उससे पहले
सूबे में जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, उससे कई सवाल उठ रहे हैं। पहले स्वर्ण मंदिर में बेअदबी की कोशिश और फिर
युवक की लिंचिंग की घटना सामने आई। इसके ठीक अगले दिन कपूरथला में निशान साहिब की
बेअदबी का प्रयास करने वाले को भीड़ ने मार डाला,उसके बाद
लुधियाना कोर्ट परिसर में ब्लास्ट,अब पटियाला के काली माता
मंदिर में एक युवक द्वारा हिन्दू धर्म का अपमान के बाद सवाल उठ रहा है कि चुनाव से
पहले कुछ देश विरोधी ताकते पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है? कालिया ने कहा कि महाराजाओ का शहर होने के साथ
साथ काली माता का ऐतिहासिक मंदिर होने के बावजूद मंदिर में इतनी बड़ी घटना होना
पटियाला प्रसाशन कि नालायकी का साबुत है। कालिया पटियाला के काली माता मंदिर में
एक युवक द्वारा हिन्दू धर्म का अपमान को राष्ट्र विरोधी तत्वों की करतूत बताया
है।कालिया ने कहा,पटियाला के
काली माता मंदिर में एक युवक द्वारा हिन्दू धर्म का अपमान करना प्रदेश के हालत
ख़राब करने की गहरी शाजिश का हिस्सा है।शिव सेना नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने
देगी।असामाजिक तत्वों से सावधान रहने की जरूरत है।विधान सभा चुनाव पास होने की वजह
से कुछ एंटी नेशनल तत्व ऐसा काम कर रहे हैं।कालिया ने पटियाला प्रसाशन कि चेतावनी
देते हुए कहा कि अगर मंदिर कि सुरक्षा पुख्ता न कि गई और दोषी को तुरंत करवाई करते
हुए कड़ी जजा न दी गई तो शिव सेना बाल ठाकरे संघर्ष करने को मजबूर होगी।
सुभाष चंद्र बोस से जुड़े बाकी दस्तावेज भी सार्वजनिक
हों : डॉ चौहान
एन टी 24 न्यूज़
विनय कुमार शर्मा
करनाल
इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का
स्थापित होना आजादी के महानायक को सम्मान देने का एक छोटा सा प्रयास है। यह बात
हरियाणा भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने यहां जारी एक वक्तव्य
में कही। उन्होंने कहा कि नेताजी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य
में किए जा रहे इस बदलाव से कांग्रेस परेशान है। इस परेशानी का कारण आसानी से समझा
जा सकता है। डॉ चौहान ने कहा कि आजादी के कई नायकों और खासकर महानायक सुभाष चंद्र
बोस के योगदान को इतिहास में उचित स्थान नहीं दिया गया। यह भी कहा जा सकता है कि
उनके योगदान को जानबूझकर छिपाने का प्रयास हुआ। जवाहरलाल नेहरु काल के दस्तावेजों
में सुभाष बोस का जिक्र वार क्रिमिनल के तौर पर किया गया है। इससे तत्कालीन
कांग्रेस सरकार की मंशा साफ हो जाती है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि एक अंग्रेज
द्वारा स्थापित पार्टी के उत्तराधिकारी अंग्रेजो को भारत छोड़ने के लिए विवश करने
वाले महानायक को उचित सम्मान कैसे दे सकते हैं? पिछले सात
दशक के दौरान देश को यही बताने की कोशिश की गई कि इस देश को अंग्रेजो की गुलामी से
मुक्ति एक ही परिवार ने दिलाई। इसलिए स्वतंत्रता संग्राम के किसी अन्य नायक का
सम्मान उन्हें नागवार गुजरता है। इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा
स्थापित करने पर कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया इसी बात का सबूत है। डॉ वीरेंद्र
चौहान ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की कथित विमान दुर्घटना में मौत आज भी
रहस्यों के आवरण में लिपटी हुई है। ताइवान की सरकार यह स्पष्ट कर चुकी है कि 18
अगस्त 1945 को ताइवान में कोई विमान दुर्घटना
नहीं हुई थी। इससे नेताजी की गुमशुदगी का रहस्य और गहरा हो जाता है। यह सवाल भी
महत्वपूर्ण है कि यदि सुभाष चंद्र बोस की 1945 में विमान
दुर्घटना में मौत हो गई थी, तो वर्ष 1958 तक नेताजी के परिवार की जासूसी क्यों करवाई गई? ब्रिटेन
के पूर्व प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली ने भी बंगाल के गवर्नर जस्टिस चक्रवर्ती को
एक सवाल के जवाब में कहा था कि अंग्रेजी हुकूमत ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के कारण
ही वर्ष 1947 में भारत छोड़ने का फैसला किया। सवाल उठता है
कि जब नेताजी की मौत 1945 में ही हो चुकी थी, तो अंग्रेजो को 1947 में भारत क्यों छोड़ना पड़ा?
नेताजी से जुड़े बाकी दस्तावेज भी सार्वजनिक होने चाहिए। देश उनकी
मौत का सच जानना चाहता है।
केंद्रीय विद्यालय बिहोली के छात्रों ने मनाई सुभाष चंद्र बोस जयंती
एन टी 24 न्यूज़
विनय कुमार शर्मा
चंडीगढ़
महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की
जयंती के अवसर पर केंद्रीय विद्यालय बिहोली में अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
किए गए। सप्ताह भर चले समारोह में स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित चलचित्र
प्रस्तुत किए गए। इसके साथ छात्रों में जागरूकता लाने के लिए एक क्विज़ का आयोजन
किया गया। तत्पश्चात,
छात्रों द्वारा नेता जी सुभाष चंद्र बोस के प्रसिद्ध नारे लगाए गए। नेता
जी के प्रति अपना सम्मान प्रकट करने के लिए छात्रों द्वारा नेताजी पर आधारित
पेंटिंग बनाई गईं जिसमें कक्षा 9 के छात्र दीपक तथा कक्षा 8
के छात्र तनीष ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। नेता जी
के जीवन से जुड़े पहलुओं पर निबंध लेखन में कक्षा 9 से
परिणीति सिंह तथा रितु ,कक्षा 8 से
विशेष कौशिक तथा कुशाग्र , कक्षा 7 से
अक्षरा तथा श्रुति और कक्षा 6 से जतिन कालरा तथा तनीष ने
श्रेष्ठ लेखन किया। स्लोगन प्रतियोगिता में गौरव रूहल , केशव
, हर्ष राठी , हर्ष पुहाल , अमन रूहल , माही कादियान, खुशी
रोहिल्ला , चंचल ,सोनू शर्मा ,दिव्या शर्मा ,रितिका, तन्नू ,
खुशी रूहल,अंशिका,रितु,
वंशिका, अभिषेक, अंशुल ,
यशवीर, यश वशिष्ठ, राशि
शर्मा, तानिया, नियति, पूर्वी सैनी, जाह्नवी सैनी , सिया
राठी, भावना, अदिति तथा यशस्वी सिंह ने
सुंदर प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक राजेश वशिष्ठ ने बताया कि आज़ादी
के अमृत महोत्सव के अंतर्गत छात्रों में नेता जी जैसे मूल्य और मानदंड स्थापित कर
छात्रों में देशप्रेम के साथ साथ स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान पैदा करना
उद्देश्य रहा। देश की भावी पीढ़ी को ज्ञात रखना चाहिए कि स्वतंत्रता का जो मूल्य
पूर्वजों ने चुकाया है, उस विरासत को सँजो कर रखना होगा।
नेताजी देशभक्ति, साहस, नेतृत्व,
एकता और भाईचारे के अजर तथा अमर प्रतीक हैं। नेता जी का जन्मदिन
पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया गया। सप्ताह भर चले ऑनलाइन कार्यक्रम में सामाजिक
विज्ञान शिक्षक देवेंद्र ने बताया कि नेताजी ने अपने असाधारण देशप्रेम, अदम्य साहस व तेजस्वी वाणी से युवाओं को संगठित कर स्वतंत्रता संग्राम को
सार्थक दिशा दी। शारीरिक शिक्षा अध्यापक जितेंद्र ने नेता जी के नारों विशेषकर “कभी भी स्वतंत्र भारत के सपने का विश्वास मत खोना, दुनिया
की कोई ताकत नहीं है जो भारत को झकझोर सके।” ,के बारे में
छात्रों को विस्तारपूर्वक समझाया। कार्यक्रम में हिंदी अध्यापिका सपना खत्री,
कार्यानुभव शिक्षक संदीप, तथा बी दत्त,
पुस्तकालयाध्यक्ष ने भरपूर सहयोग दिया। इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्या
द्वारा छात्रों को बधाई दी गई।
बिजली मंत्री चौ. रणजीत सिंह कोविड पॉजिटिव, घर में हुए आइसोलेट
एन टी 24 न्यूज़
विनय कुमार शर्मा
चंडीगढ़
हरियाणा के बिजली व जेल मंत्री चौ. रणजीत सिंह भी
कोरोना संक्रमित हो गए हैं। शुरुआती लक्षणों के बाद उन्होंने अपना कोविड-19 टेस्ट
करवाया था। इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्होंने खुद को अपने चंडीगढ़ स्थित
सरकारी आवास पर आइसोलेट कर लिया है। साथ ही, अपने सप्ताह भर
के अगले सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। रणजीत सिंह ने पिछले दो-तीन दिनों के
दौरान अपने संपर्क में आए सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे खुद को आइसोलेट करें
और अपना कोरोना टेस्ट अवश्य करवा लें। बता दें कि रणजीत सिंह कोरोना की पहली लहर के
दौरान भी पॉजिटिव हो गए थे। उन्होंने अपने निजी स्टॉफ और सिक्योरिटी जवानों को भी
अपना टेस्ट करवाने के निर्देश दिए हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल किया लांच
एन टी24 न्यूज़
विनय कुमार शर्मा
चंडीगढ़
देश के निर्माण में सदैव ही बेटियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा: दत्तात्रेय
एन टी 24 न्यूज़
विनय कुमार शर्मा
चंडीगढ़
हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने राष्ट्रीय
बालिका दिवस के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों और देशवासियों को शुभकामनाएं दी है।
उन्होनें कहा कि देश के निर्माण में सदैव ही बेटियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है
और वर्तमान में तो बेटियों ने समाज सेवा व प्रशासनिक सेवाओं से लेकर
उद्यमिता तथा खेलों के क्षेत्र में अपनी पहचान कायम की है। दत्तात्रेय ने कहा कि
प्रदेश में जब से प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी
पढ़ाओ की शुरूआत की है तब से महिला व बालिका कल्याण की अनेक योजनाएं शुरू की गई है।
इन योजनाओं में महिला किशौरी सम्मान योजना, मुख्यमंत्री दूध
उपहार योजना, मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना व अन्य योजनाएं
शामिल हैं। उन्होनें कहा कि प्रदेश में केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं को
प्रभावी ढंग से लागु किया जा रहा है जिसकी बदौलत प्रदेश में महिलाओं का अनुपात इस
समय 914 हुआ है, जो 2014 से मात्र 876 था। दत्तात्रेय ने कहा कि राष्ट्रीय
शिक्षा नीति-2020 में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के
लिए कई प्रावधान किए गए है। हरियाणा में तो नई शिक्षा नीति लागु भी कर दी गई है। 2014-2015
में माध्यमिक शिक्षा मे लड़कियों का नामांकन 77.45 प्रतिशत था जो अब बढ़ कर 82 प्रतिशत से भी अधिक हो
गया है। सरकार की महिला कल्याण की योजनाओं के क्रियान्वयन से बाल मृत्यु दर व मातृ
मृत्यु दर में भी गुणात्मक कमी आई है। राज्यपाल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने
लड़कियों की शादी की आयु सीमा 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दी है। केन्द्र सरकार का यह निर्णय लड़कियों के स्वर्णिम भविष्य के
लिए भाग्य बदलने वाला होगा। अब लड़कियां अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर अपने कैरियर को
संवार पाएगी तथा पूरी जिम्मेवारियों के साथ परिवार की जिम्मेवारी सम्भालने में
सक्षम होगी। उन्होनें आमजन से अपील की है कि हम सभी लड़कियों को आगे बढ़ने के अवसर
प्रदान करें और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का पटल मुहैया करवाएं। यह देश के
नवनिर्माण की प्रक्रिया को और तीव्र गति देने वाला कदम होगा।
निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों की दूसरी विशाल रैली आयोजित, गर्वनर को दिया ज्ञापन कहा 1, 7, 23 व 24 फरवरी को करेंगे हड़ताल
एन
टी 24 न्यूज़
विनय
कुमार शर्मा
चण्डीगढ़
यूटी
पावरमैन यूनियन के आह्वान पर चण्डीगढ़ के बिजली कर्मियों ने केन्द्र सरकार द्वारा
चण्डीगढ़ के बिजली विभाग के निजीकरण की फाइल को क्लीयर कर बिजली का काम निजी कम्पनी
एमीनेंट को देने के खिलाफ आज बिजली दफ्तर सैक्टर 17 के नजदीक दूसरी विशाल रोष रैली की। लगातार कई
दिनों से हो रही बारिश के बावजूद कर्मचारियों ने भारी संख्या में रैली में हिस्सा
लिया। रैली के दौरान पंजाब के राज्यपाल तथा चण्डीगढ़ के प्रशासक को निजीकरण रद्द
करने के लिए ज्ञापन दिया गया। रैली में पहले से तय 1 फरवरी
की हड़ताल के इलावा 7 फरवरी तथा उसके बाद 23 और 24 फरवरी को भी हड़ताल करने का ऐलान किया गया। रोष रैली को
सम्बोधित करते हुए यूनियन के प्रधान ध्यान सिंह, महासचिव गोपाल दत्त जोशी,
वरिष्ठ उप प्रधान अमरीक सिंह, गुरमीत सिंह,
रंजीत सिंह, र्स्वण सिंह ने केन्द्र सरकार व
चण्डीगढ़ प्रशासन आरोप लगाया कि प्रशासन ने मानीय पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय
द्वारा 16 फरवरी 2021 को दिये फैसले की
उल्लंघना की है जिसमें माननीय उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट निर्णय दिया है कि
प्रशासन द्वारा किया गया कोई भी निर्णय व कार्यवाही हाईकोर्ट द्वारा दिेय जाने
वाले अन्तिम निर्णय पर निर्भर करेगी। यह बहुत ही दुखदायी है कि प्रशासन ने पंजाब
हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले की अनदेखी करके फाईनैंस बिड़ भी खोल दी तथा केन्द्र
सरकार को अंधेरे में रखकर उस पर कैबिनेट की मुँहर भी लगवा ली जो सीधे तौर पर कोर्ट
की अवमानना है क्योंकि माननीय हाईकोर्ट ने अभी मैरिट के आधार पर अन्तिम निर्णय
नहीं दिया है तथा केार्ट में अगली सुनवाई 10 मार्च है।
वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि सरकार व प्रशासन को कोई भी फैसला लेने से पहले
ट्रांसफर पॉलिसी बनानी चाहिए तथा कर्मचारियों समेत सभी हितधारको से ऐतराज व सुझाव
लेने चाहिए तथा ट्रांसफर पॉलिसी नोटिफाई कर सरकारी तौर पर काम कर रहे कर्मचारियों
की सारी सेवाशर्ते, पेंशन, ग्रेच्युटी,
सभी भत्ते बहाल रखने चाहिए तथा जीपीएफ व ट्रेजरी सिस्टम बरकरार रखा
कर ट्रस्ट बनाने का विचार रद्द करना चाहिए। वक्ताओं ने पुनः जोर देकर कहा कि
प्रशासन को ट्रासफर पॉलिसी नाटोफाई करने तक तथा कोर्ट का फैसला आने तक निजीकरण का
अगला प्रोसैस रोकना चाहिए। रोष रैली को सीआईटीयू चण्डीगढ़ के प्रधान गुरदीप सिंह, कोषाध्यक्ष कुलदीप सिंह,
फैड़रेशन ऑफ यूटी इम्पलाईज यूनियन के प्रधान रघबीर चन्द, हॉर्टीकल्चर के प्रधान हरकेश चन्द, आईसीसीडब्लयू के
बिहारी लाल, रोड के प्रेमपाल, पंजाब
बोर्ड कार्पोरेशन के महासघ के हरकेश राणा, तारा सिंह,
जोगिन्द्र सिंह राणा आदि ने भी सम्बोंधित करते हुए बिजली
कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया तथा प्रशासन से गैरकानूनी तौर पर शुरू की गई
निजीकरण की प्रक्रिया तुरंत रोकने की मांग की। रैली के दौरान एसडीएम (ईस्ट) ने आ
कर गर्वनर पंजाब व चण्डीगढ़ के प्रशासक के नाम लिखे गये ज्ञापन को लिया। रैली में
सरकार के अड़ियल रवैये को देखते हुए 1 फरवरी के बाद 7 फरवरी तथा 23 व 24 फरवरी को भी
मुकम्मल हड़ताल करने का ऐलान किया गया तथा हड़ताल के कारण आम जनता को होने वाली
परेशानी के लिए केन्द्र सरकार व चण्डीगढ़ प्रशासन के गैरकानूनी तथ असंवैधानिक फैसले
को जिम्मेवार ठहराया। कर्मचारी नेताओं ने जोर देकर कहा कि निजीकरण के बाद
कर्मचारियों के साथ साथ चण्डीगढ़ की आम जनता को भी मंहगे बिलों का भुगतान करना होगा
क्योंकि सरकार द्वारा तय की गई कम्पनी का बिजली का रेट चण्डीगढ़ के रेट से दोगुने
से अधिक है। इसलिए सभी राजनीतिक पार्टियों, ट्रेड यूनियनों,
मुहल्ला समितियों को निजीकरण की नीति का डटकर विरोध करना चाहिए।
मौलिक कर्तव्य भी मौलिक अधिकारों की तरह न्यायालयों में लागू किए जाने योग्य बनाये जायें: सत्य पाल जैन
विनय कुमार शर्मा
चंडीगढ़
चंडीगढ़ के पूर्व सांसद, भारत के अपर
महासॉलिसिटर तथा पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट की सबसे वरिष्ठ सदस्य सत्य पाल जैन ने
कहा कि अब वो समय आ गया है जब किसी नागरिक के मौलिक कर्तव्यों को, जो संविधान के अनुच्छेद 51वें में विस्थापित किया
गये है, को भी भारत के संविधान में संषोधन करके भारत के
नागरिकों के मौलिक अधिकारों की तरह कानूनी अदालतों के माध्यम से लागू किया जा
सकें। जैन ‘‘मौलिक कर्तव्य एवं राष्ट्र निर्माण’’ के विषय पर ‘‘थिंक इंडिया’’ द्वारा
आयोजित एक वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। जैन ने कहा कि संविधान की धारा 51
में 11 मौलिक कर्तव्य है जो भारत के
प्रत्येक नागरिक द्वारा निभाए जाने अपेक्षित हैं, लेकिन
फिलहाल वे न्यायालय द्वारा लागू नहीं किये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 70
वर्षों की आजादी के दौरान लोगों ने केवल मौलिक अधिकारों के बारे में
ही बात की है, न कि मौलिक कर्तव्यों के बारे में। उन्होंने
कहा कि कोरोना तथा राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय सुरक्षा के बढ़ते खतरों के
मद्देनजर आने वाले समय में भारतीय नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकारों के नेतृत्व
में जारी दिशानिर्देशों को स्वीकार करने और उनके द्वारा समाज के प्रति अपने
कर्तव्यों को निभाने की और ज्यादा आवश्यकता होगी। इस लिये इस मामले में अब समय आ
गया है जब एक नागरिक के मौलिक कर्तव्यों को भी संविधान में संशोधन करके कानून के
न्यायालयों में लागू होने वाले बनाया जाना चाहिए ताकि राष्ट्र, विशेष रूप से आने वाली पीढ़ियों, को संविधान की
गंभीरता का अहसास हो और उन्हें राष्ट्र के प्रति उनके कर्तव्यों से अवगत कराया जा
सके।