PULSE POLIO DRIVE IN CHANDIGARH: 105% CHILDREN IMMUNIZED IN LAST THREE DAYS
On the occasion of Pulse Polio National Immunization Day, 93000 children were administered polio drops in 3 days
महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी हुई भाजपा में शामिल,
कहा चन्नी सरकार नही कर सकती पंजाब का विकास
विनय कुमार
पंजाब / चंड़ीगढ़
पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया। इस दौरान उन्होंने चन्नी सरकार पर परेशान करने का आरोप भी लगाया केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व भाजपा महिला मोर्चा की प्रधान मोना जायसवाल ने मनीषा को पार्टी में शामिल करवाया। मनीषा गुलाटी के भाजपा ज्वाइन करने की अटकलें काफी दिन से चल रही थीं। गुलाटी कैप्टन अमरिंदर सिंह की काफी नजदीकी मानी जाती हैं।उन्होंने कहा कि सरकार के इन 111 दिनों में मेरे गौरव को नुकसान पहुंचाया गया। मुझे तंग परेशान किया गया। मेरा स्टाफ कम किया गया। आयोग की ग्रांट वापस ले ली गई। दरअसल, तीन हाई प्रोफाइल केस थे, जिसमें बड़े बड़े नेता शामिल हैं। इन केसों के कारण ही मुझे तंग किया गया। गुलाटी ने कहा कि यह जंग मेरी नहीं, औरत के वजूद की जंग है। एक बड़े नेता ने मुझे फोन कर कहा कि तूं इंसाफ दिलाएगी? मैं हिंदू हूं, इसलिए निशाने पर लिया गया। मैंने सीएम से कहा तो उन्होंने सॉरी कह दिया। दरअसल, चन्नी जब मंत्री थे तो मनीषा गुलाटी ने चन्नी को मीटू केस में नोटिस जारी किया था।
संकीर्तन मंडलियों ने भजन गाकर श्रद्धालुओं को किया निहाल
हनुमान जी जैसी निष्ठा व समर्पण
होनी चाहिए: कथा व्यास
Awarding ceremony of Girl's India Ambassadors by Hon'ble Sh Banwarilal
Purohit, Governor of Punjab and Administrator U.T. Chandigarh.
National Tele24 News
Vinay Kumar Sharma
Chandigarh
The commemoration of the culmination of the GIRLS INDIA PROJECT, a collaborative effort of Chandigarh Commission for Protection of Child Rights (CCPCR) and Education Department, U.T., Chandigarh witnessed the awarding of Girl India Ambassadors as pillars of change. The function was presided over by Hon'ble Sh. Banwarilal Purohit, Governor of Punjab and Administrator U.T. Chandigarh. The event started with a heart rendering performance by the girls of Delhi Public School, Sector 40, Chandigarh depicting the unscripted an unstoppable power of the girls. On the occasion, 44 Girl India Ambassadors were braded amongst the 50 partner schools of Girls India Project. The brand ambassador of CCPCR for the year 2021-22 was honoured for her national recognition and declared student mentor for the year 2022. Master Chand from Snehalaya Child Care Institution (CCI) was branded in the Special Child Category for bringing awards at national and state level in Sports. Six Schools as buddies won the trophies for their outstanding performance in Mock Parliament i.e. Delhi Public School and GMSSS-38 West, Chandigarh, Guru Nanak Public School and GMSSS- Mauli Jagran, St. John’s High School and GMS- BPC, Chandigarh and excellent performance was also given by the Mock Parliamentarian. Mentors who have contributed through-out the year have also been honoured for their services they are Ms. Reema Dewan, Ms. Monica Chawla, Dr. Vandana Aggarwal, Ms. Neena Singh, Ms. Simrit Luthra, Ms. Gurmeet Kaur, Sh. Kapil Mohan Sood and Sh. Ravinder Singh. Empowering Endeavours Journal on the journey of Girls India Project was also released by the Chief Guest. Exhibition display was the attraction on the journey of Empowerment of Girls. Arunima Sinha and Kalpana Chawala Group won the award for their creative display. The very idea behind the Weekly 'Girls Parliaments' online meetings on important issues of social media and cyber security, good education, exercise & health, mental health, food & nutrition, menstrual hygiene, teenage suicides, good touch-bad touch, whom to complaint in case of sexual abuse, child marriage and teenage pregnancy etc. has been such thoughtfully conceived and implemented, keeping in view the problem faced by the girls, a view to strengthen them, on the lines of the Governmental set up of our country- has become unique model of Empowerment in mass. A beautiful presentation showcasing the journey of CCPCR was presented. With gratitude to the Chief Guest, the Chairperson CCPCR, Mrs Harjinder Kaur talked of the initiatives of the Commission and the future perspectives towards making Chandigarh a child friendly city. The celebration of wonderful moments by the Commission has not only helped in creating awareness among the public about the issues of children but also gone a long way in making the children aware of their Rights and duties with the slogan LEAVING NO ONE BEHIND. On this occasion, Ms. Pooja Punchhi, Dr. Monica M Singh, Sh. Sanjay Sharma, Sh. Varun Beniwal, Dr. Varinder Nagpal, Ms. Ravinder Kaur, Sh. Sanjay Tandon, Sh. Chanchal Singh were also present.
Rose Festival-2022 starts amid pomp and show
Governor inaugurates the 50th edition of Rose Festival at Rose
Garden
CHANDIGARH TRAFFIC POLICE
IN VIEW OF THE
FORTHCOMING ROSE FESTIVAL-2022 TO BE HELD FROM 25.2.2022 TO 27.2.2022, THE
GENERAL PUBLIC IS REQUESTED TO CO-OPERATE WITH POLICE:-
DEPARTMENT OF PUBLIC RELATIONS
CHANDIGARH ADMINISTRATION
NT24 NEWS
PUJA
GUPTA
CHANDIGARH
During
the enforcement drive conducted by the enforcement staff of State Transport
Authority, it came to the notice that the cabs registered in the State of
Punjab and Haryana plying in Chandigarh, carrying “All India Tourist Permit”
which are attached with OLA and UBER(Aggregator Companies) have not
deposited/not depositing the entry fee @1000/- per quarter as per Aggregator
Rules 2017 which are causing revenue loss to the Chandigarh Administration. The
owners/Drivers of the cabs are directed to deposit the pending dues in the
office of Secretary State Transport Authority Chandigarh on account of being partner of Aggregator License from the
date from which their respective cabs are attached with the aggregator
companies immediately to avoid any inconvenience. General Public is also
advised to check that whether the taxes/dues have been paid by the said driver
of the taxi prior to their travel to avoid any inconvenience.
स्कूली किताबों में इतिहास से छेड़छाड़ का मामला: आप ने 12वीं कक्षा की विवादास्पद किताबों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की
कांग्रेस, कैप्टन और बादल बताएं कि क्या गुरु हरगोबिंद जी ने मुगल शासक जहांगीर की सेना में नौकरी की थी : कुलतार सिंह संधवां
कहा, किताबों में गुरुओं, गुरबानी और शहीदों को गलत तरीके से पेश करना बड़ी साजिश
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार और एसजीपीसी पर भी उठाए सवाल
एन टी 24 न्यूज़
पूजा गुप्ता
चंडीगढ़
आम आदमी पार्टी (आप) ने बारहवीं कक्षा की इतिहास की विवादित
किताबों को तत्काल वापस लेने की मांग की है और सत्ताधारी कांग्रेस एवं पिछली बादल
सरकार पर सिख गुरुओं के इतिहास और गुरबाणी से छेड़छाड़ करने के गंभीर आरोप लगाए। पार्टी
मुख्यालय से गुरुवार को जारी एक बयान में पार्टी प्रवक्ता और विधायक कुलतार सिंह
संधवां ने कहा कि सिख धर्म व सिख गुरुओं का इतिहास, गुरबाणी
और पंजाब के शहीदों के इतिहास के बारे में तथ्यों को विकृत करने के लिए एक बड़ी और
सोची समझी साजिश के तहत नई पीढ़ी को तोड़-मरोड़ कर पढ़ाई जा रही है। लेकिन
कांग्रेस, कैप्टन और शिअद-भाजपा सरकारों को परवाह नहीं है
क्योंकि वे सत्ताधारी निजी प्रकाशनों के साथ मिलकर 'किताब
माफिया' के माध्यम से सिर्फ पैसे बनाने की सोच रहे हैं। कुलतार
सिंह संधवां ने निजी प्रकाशनों द्वारा प्रकाशित प्रो. मंजीत सिंह, डॉ. एसी अरोड़ा और डॉ. एमएस मान की बारहवीं कक्षा के लिए स्वीकृत पुस्तकों
पर तत्काल प्रतिबंध लगाने और पाठ्यक्रम से वापस लेने की मांग की। संधवां ने
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष
नवजोत सिंह सिद्धू, शिक्षा मंत्री परगट सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व
शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश
सिंह बादल, पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के
अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल सहित कांग्रेस और अकाली दल (बादल) के तमाम नेताओं से
स्पष्टीकरण मांगा कि क्या गुरु हरगोबिंद जी ने ग्वालियर किले से 52 राजाओं को रिहा कराने के बाद मुगल शासक जहांगीर की सेना में नौकरी की थी?
जैसा कि एसी अरोड़ा ने अपनी किताब 'हिस्ट्री
ऑफ पंजाब' के पेज संख्या 81 में बताया
है। क्या सत्ताधारी नेता और तथाकथित विद्वान इस कथन से सहमत हैं? यदि नहीं, तो ऐसी पुस्तकें अभी भी स्कूली पाठ्यक्रम
का हिस्सा क्यों हैं और वेलोग इस विवाद पर चुप क्यों हैं? संधवां
ने कहा कि डॉ. मान की पुस्तक में कहा गया है कि पंजाब के जट्टों के दबाव ने
गुरु हरगोबिंद को तलवार उठाने के लिए मजबूर किया गया था। क्या ऐसी टिप्पणियां
मीरी-पीरी के संकल्प पर सीधा हमला नहीं हैं? कांग्रेस और
अकाली को भी इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। इसी प्रकार जट्टों के कारण श्री गोबिंद
सिंह द्वारा खालसा पंथ का निर्माण करने का उल्लेख किया है, जो
न केवल गलत है, बल्कि असहनीय भी है। संधवां ने कहा कि न केवल
गुरु ग्रंथ साहिब की वाणी को गलत तरीके से पेश किया गया है, बाणी
के शब्दों में त्रुटियों की भरमार है, जो न केवल अर्थहीन है,
बल्कि गुरु की बाणी का भी अपमान है। क्या तथाकथित 'पंथ के ठेकेदार' बादल संगत को यह बात समझाएंगे?
संधवां ने हैरानी जताई कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार और
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी इस मुद्दे पर चुप क्यों है। जबकि इस संबंध में
लिखित शिकायत की जा रही हैं। संधवां ने कहा कि इन किताबों में श्री गुरु तेग
बहादुर, खालसा पंथ और अन्य गुरुओं और ऐतिहासिक तथ्यों के
साथ-साथ शहीद उधम सिंह जैसे अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में विशद
टिप्पणियां हैं। संधवां ने कहा, "बच्चों का दिमाग कोरे
कागज की तरह होता है, इसलिए ऐसी विवादास्पद किताबें एक गहरी
साजिश का हिस्सा हैं।" संधवां ने कहा कि गुरबाणी और राग के नामों को गलत
तरीके से लिखना एक बड़ी गलती है। दूसरी ओर,यह गलत बयानी
शैक्षणिक स्तर पर किसी धोखाधड़ी से कम नहीं है। इसलिए जरूरी है कि ऐसी विवादित
किताबों पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए।
नशा तस्करी के आरोपी मजीठिया को जेल भेजने के अदालत के फैसले का स्वागत:
हरपाल सिंह चीमा
जिस काम को
पंजाब और केंद्र की सरकारें नहीं कर सकी, उसे अदालत ने पूरा
किया: हरपाल सिंह चीमा
नशे के कारोबार में शामिल किसी भी नेता या अधिकारी को नहीं बख्शेगी आप सरकार : हरपाल सिंह चीमा
हाईकोर्ट की
निगरानी में हो मजीठिया से पूछताछ, पंजाब पुलिस पर नहीं रहा भरोसा: हरपाल सिंह
चीमा
पूजा गुप्ता
चंडीगढ़
आम आदमी
पार्टी (आप) पंजाब के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने माननीय
अदालत द्वारा अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को नशा तस्करी के मामले में
जेल भेजने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि माननीय अदालत का निर्णय
स्वागत योग्य है। अदालत ने वही किया जो पंजाब और केंद्र सरकार को करना चाहिए
था।" चीमा ने कहा कि नशा तस्करी से जुड़े सभी लोगों को जेल भेजेगी और प्रदेश
से नशा माफिया को जड़ से खत्म करेगी। बता दें कि मोहाली की जिला अदालत ने अकाली
नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को आठ मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मजीठिया 23 फरवरी तक जमानत पर थे। गुरुवार को पार्टी मुख्यालय से जारी एक बयान में
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछली शिअद-भाजपा सरकार की तरह कांग्रेस सरकार ने भी
नशा तस्करों और उनसे मिलने वाले राजनीतिक नेताओं को खुलेआम संरक्षण दिया। उन्होंने
आरोप लगाया कि कांग्रेस की चन्नी सरकार और मजीठिया एक दूसरे की मदद से ड्रग केस को
लटकाने के लिए नए हथकंडे अपना रहे हैं, इसलिए कांग्रेस
सरकार ने नशा मामले में उच्च न्यायालय द्वारा गठित एसटीएफ रिपोर्ट को सार्वजनिक
नहीं किया। चीमा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह, कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और अकाली दल ड्रग केस को रफा-दफा करने के लिए मिलकर
काम कर रहे हैं। जिस आदमी (बिक्रम मजीठिया) को कई साल पहले ड्रग मामले में जेल में
होना चाहिए था, उस पर पिछली सरकारों और पंजाब पुलिस के
खराब प्रदर्शन के कारण इतने दिनों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। मजीठिया के
खिलाफ ड्रग का मामला लंबे समय से इसलिए लंबित है क्योंकि कांग्रेस और बादल सरकारों
ने अदालत में ठोस सबूत पेश नहीं किए। आप नेता ने कहा कि ड्रग मामले में पंजाब
पुलिस ने अदालत से मजीठिया के पुलिस रिमांड की मांग ही नहीं की। इसलिए अब पुलिस की
जांच पर लोगों को विश्वास नहीं रहा। अब जरूरी है कि माननीय हाईकोर्ट की निगरानी
में ही मजीठिया से पूछताछ की जाए। चीमा ने कहा कि बादल के 10 साल के शासन और कांग्रेस के शासन में नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार
खुलेआम होता रहा, जिसके कारण पंजाब के हजारों युवाओं की
मौत हो गई और लाखों का जीवन तबाह हो गया। बिक्रम मजीठिया को जेल भेजने से यह मामला
पूरी तरह से हल नहीं होगा। इसके लिए पंजाब से ड्रग माफिया और सत्ताधारी नेताओं की
सांठगांठ को खत्म करना होगा। चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ड्रग माफिया
के राजनीतिक संरक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी ताकि ड्रग माफिया को जड़ से
खत्म किया जा सके। 'आप' सरकार ड्रग मामले में शामिल किसी भी राजनीतिक व्यक्ति या अधिकारी को नहीं
बख्शेगी, चाहे वह किसी भी पार्टी का हो या कितना भी
बड़ा व्यक्ति क्यों न हो।
पांच साल सत्ता में रहे कांग्रेसी नेता अब नशा माफिया
की दे रहे दुहाई : भगवंत मान
कांग्रेसी नेता औजला के डीजीपी को लिखे पत्र पर मान ने उठाए सवाल
पूजा गुप्ता
चंडीगढ़
आम आदमी पार्टी (आप)पंजाब के मुख्यमंत्री उम्मीदवार और सांसद भगवंत
मान ने कहा कि सत्ता हाथ से जाती देख सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेताओं को पंजाब की
चिंता सताने लगी है। इसीलिए कांग्रेस नेता राज्य में नशा माफिया और नशे के कहर की
दुहाई देने लगे हैं। मान ने कहा कि कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला के पंजाब
पुलिस प्रमुख को लिखे पत्र से साबित हो गया है कि कांग्रेस के शासन में नशे का
अवैध कारोबार जमकर हुआ है। ड्रग माफिया और सत्ताधारी नेता आपस मेंं मिले हुए हैं।
मान ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को अब पंजाब के मुद्दों की चिंता करनी छोड़ देनी
चाहिए। गुरूवार को पार्टी मुख्यालय से जारी बयान में भगवंत मान ने कांग्रेस पर
आरोप लगाते हुए कहा कि, '' कांग्रेस के नेताओं ने 2007 में कैप्टन
अमरिंदर सिंह की अगुवाई में पंजाब से नशा खत्म करने के लिए गुटका साहिब की कमस खाई
थी। कैप्टन अमरिंदर सिंह और चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में पांच साल तक
कांग्रेस नेता सत्ता का आनंद लेते रहे। न तो प्रदेश से नशा खत्म हुआ और न ही नशा
माफिया के संरक्षक नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। कांग्रेसी नेताओं ने
नशा माफिया के साथ मिलकर पंजाब को लूटा और लाखों नौजवानों को नशे के जाल में
फंसाया। उन्होंने कहा कि अब जब पंजाब में कांग्रेस का शासन खत्म हो गया है, कांग्रेस नेता राज्य के पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर उनसे नशा माफिया पर
लगाम कसने की बात कह रहे हैं। पुलिस प्रमुख के घर के सामने धरना देने की धमकी दे
रहे हैं मान ने सवाल किया कि कांग्रेस नेता पिछले पांच साल से नेशे के मुद्दे पर
चुप क्यों रहे? कांग्रेस नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री
कैप्टन अमरिंदर सिंह और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के घर के सामने धरना क्यों
नहीं दिया? कांग्रेस सरकार ने विशेष जांच टीम की
रिपोर्ट पर कार्रवाई क्यों नहीं की? भगवंत मान ने कहा
कि आम आदमी पार्टी 2017 से पंजाब में नशा माफिया
के खिलाफ आवाज उठा रही है। उन्होंने कहा कि 2017 के
चुनाव में कांग्रेस नेताओं ने गुटखा साहिब की झूठी शपथ लेकर पंजाब के लोगों को
गुमराह किया राज्य में सरकार बनाई, लेकिन इस बार लोग
कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के झांसे में नहीं आए और
उन्होंने खुले मन से आदमी पार्टी खुले को वोट किया। मान ने दावा किया कि 10 मार्च के बाद पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी और आप सरकार राज्य
से नशों को खत्म कर, नाश माफिया और उसे संरक्षण देने वाले
नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करेगी।