पश्चिम बंगाल प्रभारी रेनू पाठक बोलीं—समान अवसर और सामाजिक न्याय के लिए व्यवस्था में जरूरी सुधार समय की मांग l
चंडीगढ़। आरक्षण व्यवस्था में सुधार को लेकर जंतर-मंतर पर उठाई गई मांगों का समर्थन करते हुए राष्ट्रीय लोक दल की पश्चिम बंगाल प्रभारी रेनू पाठक ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर देना है। इसके लिए समय के साथ व्यवस्था की समीक्षा और आवश्यक सुधार भी जरूरी हैं। रेनू पाठक ने कहा कि सरकारी सहायता एवं अवसरों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को उचित प्राथमिकता मिलनी चाहिए। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में प्रतिभा एवं योग्यता को भी उचित महत्व दिया जाना चाहिए, ताकि योग्य युवाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें। उन्होंने Creamy Layer के प्रभावी प्रावधान की वकालत करते हुए कहा कि जो परिवार आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सक्षम हो चुके हैं, उन्हें लगातार आरक्षण का लाभ मिलने के बजाय जरूरतमंद वर्गों तक इसका लाभ पहुंचाने की दिशा में गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल प्रभारी रेनू पाठक ने कहा कि समाज में जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने के बजाय समान नागरिकता और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि UGC Equity Rules की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए, ताकि सभी वर्गों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा व्यवस्था समान, न्यायपूर्ण और पारदर्शी बन सके। रेनू पाठक ने स्पष्ट किया कि उनका समर्थन किसी जाति या समुदाय के विरोध में नहीं, बल्कि समान अवसर, सामाजिक समरसता और न्यायपूर्ण व्यवस्था के पक्ष में है। उन्होंने कहा, “सामाजिक न्याय का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब व्यवस्था का लाभ उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है। हमें ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ना होगा जिसमें अधिकारों के साथ-साथ समान अवसर और योग्यता का भी सम्मान हो।” रेनू पाठक ने जंतर-मंतर पर उठाई गई आरक्षण सुधार संबंधी मांगों को व्यापक सामाजिक हित से जुड़ा विषय बताते हुए सरकार और संबंधित संस्थाओं से इन पर गंभीर एवं निष्पक्ष विचार-विमर्श करने की अपील की।
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