धर्म की स्थापना हेतु धरा पर अवतरित होते है ईश्वर – साध्वी श्रेया भारती।
चंडीगढ़, राखी: दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान एवं श्री राम कृपा सेवा ट्रस्ट द्वारा चंडीगढ़ के सेक्टर-34 स्थित प्रदर्शनी ग्राउंड में 23 से 29 नवंबर 2025 तक दिव्य श्री राम कथा का भव्य आयोजन हो रहा है। प्रतिदिन सायं 6 से 9 बजे तक आयोजित इस कथा का वाचन संस्थान के संचालक एवं संस्थापक श्री आशुतोष महाराज जी की परम शिष्या, कथा व्यास साध्वी सुश्री श्रेया भारती जी अपनी मंडली सहित कर रहीं हैं। तृतीय दिवस कथा का शुभारंभ पुष्पेंद्र कुमार (आई जी चंडीगढ़) जे पी मल्होत्रा (जिला अध्यक्ष बीजेपी चंडीगढ़), संजीव वशिष्ट (जिला अध्यक्ष बीजेपी मोहाली), स्वामी गुरुकृपानंद जी एवं स्वामी प्रकाशानंद जी ने प्रभु की पावन ज्योति को प्रज्वलित करके किया। प्रवीण गोयल (एम डी सौरव केमिकल्स पंचकूला), सतीश अग्रवाल (एम डी सरस्वती प्लाईवुड) एवं शकुंतला शर्मा सपरिवार प्रभु के चरणों में यजमान पूजन किया। कथा का वाचन करते हुए कथा व्यास साध्वी श्रेया भारती जी ने समस्त धार्मिक ग्रन्थों के समन्वय से युक्त इस भव्य आयोजन में प्रभु के जन्म एवं उनके जीवन की लीलाओं के भीतर छिपे आध्यात्मिक रहस्यों को उजागर किया। जो केवल मात्र प्रभु की जीवन गाथा व ग्रन्थों की चौपाईयों का सरसपूर्ण गायन नहीं वरन एक विश्लेषणात्मक आध्यात्मिक अंतर दृष्टि से परिपूर्ण प्रभु के अवतरण व प्राकट्य के दिव्य रहस्यों को परिलक्षित करता प्रसंग है। उन्होंने बताया कि श्री रामचरितमानस की रचना गोस्वामी तुलसीदास जी ने चाहे कितने ही वर्ष पूर्व क्यों न की हो परन्तु धर्म स्थापना के जिस संदेश को वह धारण किए हुए हैं। वह हर युग, काल व देश की सीमाओं से परे हैं व वर्तमान युग की समस्त समस्याओं का निवारण प्रस्तुत करता है। संसार में नाना प्रकार के रोग, शोक, जन्म, मृत्यु इत्यादि में पड़े काम, क्रोध, लोभ, मोह, अंहकार में अन्धे हो चुके मानव को सन्मार्ग पर लाने के लिए प्रभु अवतीर्ण होते हैं। उपद्रव को शान्त करने हेतु नित्यधाम से अनुरूप हो कार्य को सम्पादित करने हेतु जन्म लेते हैं।सा ध्वी जी ने प्रभु के अवतरण के संबंध में बताते हुए कहा कि प्रभु श्री राम जग पालक व सृष्टि के नियामक तत्व हैं, जो साकार रुप धारण कर अयोध्या में अवतरित होते हैं। निराकार परमात्मा धर्म की स्थापना के लिए साकार रूप धारण करता है। साध्वी जी ने राम जी की गुरुकुल शिक्षा की ओर इंगित करते हुये कहा कि शिक्षा मानव के लिये अतिआवश्यक है पर मात्र शिक्षा कभी भी पूर्ण व्यक्तित्व के निर्माण नहीं कर सकती उसके लिये हमें अपनी गुरुकुल की परिपाटी का पालन करते हुये शिक्षा के साथ साथ दीक्षा के समन्वय को अपनाना होगा तभी मानव अपना पूर्ण विकास कर पाएगा। इस भव्य राम कथा आयोजन में संस्थान की ओर से अन्य साध्वियाँ भी अपने वाद्य वृंद समूह के साथ विशेष रूप से पधारी हैं। जिनके द्वारा प्रभु श्री राम की इस कथा को श्री रामचरितमानस की सुमधुर चौपाईयों के गायन और समस्त धार्मिक ग्रन्थों के समन्वय से प्रस्तुत किया जा रहा है। तृतीय दिवस कथा को विराम प्रभु की पावन आरती करके दिया गया। प्रभु की पावन आरती में श्री राम मंदिर कमेटी सेक्टर 35, श्री राधा कृष्ण मंदिर कमेटी सेक्टर 44, श्री राधा कृष्ण महिला संकीर्तन मंडल सेक्टर 44, श्री सनातन धर्म मंदिर सेक्टर 15, जसमनप्रीत सिंह (पार्षद सेक्टर 44), शक्ति सिंह (रीज़नल मैनेजर सैवैक्स), श्री सनातन धर्म मंदिर कमेटी (सनी एनक्लेव खरड़), नवीन सोनी (पवन हंस लिमिटेड), दीपक शर्मा (सेकेट्री, माता चिंतपूर्णी मंदिर सेक्टर 32, श्रीमति चंद्र ढेरा (प्रधान, राधा मंदिर सेक्टर 34) ने सम्मिलित होकर प्रभु के आशीर्वाद को प्राप्त किया। अंत में आए हुए सभी भक्तजनों में भंडारे का वितरण किया गया।

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