मुख्य सचिव ने पारंपरिक नगाड़ा बजाकर किया 15वें चंडीगढ़ राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले का शुभारंभ
लोक वाद्यों और लोक नृत्यों की सुरधारा ने बांधा समां
भारत की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत का उत्सव; 400 से अधिक शिल्पकार और लोक कलाकारों की भागीदारी
चंडीगढ़, राखी: चंडीगढ़ के मुख्य सचिव श्री एच. राजेश प्रसाद ने आज पारंपरिक नगाड़ा बजाकर 15वें चंडीगढ़ राष्ट्रीय क्राफ्ट मेले का विधिवत उद्घाटन किया, जिसके साथ भारत की शिल्प और सांस्कृतिक विविधता के इस जीवंत उत्सव का आगाज हुआ। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र और चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह मेला देश के 22 राज्यों से आए 400 से अधिक शिल्पकारों और लोक कलाकारों को एक मंच पर लाता है, जहां वे अपने पारंपरिक कला रूपों और क्षेत्रीय विरासत का प्रदर्शन कर रहे हैं। मेले का उद्देश्य भारतीय शिल्प परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन करते हुए कलाकारों को अपने कौशल को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर देना है। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने मेले की वापसी पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह मेला ट्राइसिटी के लोगों के लिए अत्यंत प्रतीक्षित सांस्कृतिक आयोजन बन चुका है। उन्होंने पंजाब और राजस्थान की स्थापत्य प्रेरणाओं पर आधारित सुंदर सजावट की सराहना की और कहा कि ऐसे मेले राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्य सचिव ने यह भी रेखांकित किया कि यह मेला न सिर्फ एक सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि शिल्पकारों की आजीविका को संबल देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल भी है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे अपने परिवारों और मित्रों के साथ मेले में आएं और स्थानीय शिल्पकारों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देने में साझेदार बनें। शुक्रवार को कलाग्राम प्रांगण लगभग तीन दर्जन पारंपरिक वाद्य यंत्रों की अनूठी स्वर-लहरियों से गूंज उठा। राजस्थान, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के लोक वाद्यों की प्रस्तुति ने वातावरण में एक मनमोहक संगीत-रागिनी बिखेर दी, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सिम्फनी के बाद प्रसिद्ध कोरियोग्राफर सुशील शर्मा के निर्देशन में कई राज्यों के लगभग आधा दर्जन लोक-नृत्यों की सुंदर प्रस्तुति हुई, जिसे दर्शकों से अपार सराहना मिली। नवंबर की हल्की ठंड भी संगीत प्रेमियों के उत्साह को कम नहीं कर सकी, जब प्रख्यात दिलरुबा वादक प्रो. अमनदीप सिंह ने अपनी दिव्य धुनों से सबका मन मोह लिया। शनिवार को मेले के स्टार कलाकार सूफी गायक कंवर ग्रेवाल होंगे, जो अपने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम में वित्त सचिव श्री दिप्रवा लाकड़ा, सचिव कार्मिक श्री स्वप्निल एम. नाइक, उपायुक्त श्री निशांत कुमार यादव, निदेशक संस्कृति श्री सौरभ अरोड़ा, एन.ज़ेड.सी.सी. के निदेशक श्री फुरकान खान सहित चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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