नही रहे पायलट अभिनव चौधरी
पंजाब में फाइटर जेट मिग 21 हुआ
क्रैश
कोविड 19 के चलते हिमाचल के बाज़ार और पर्यटन
बजट में आई गिरावट
एन टी 24 न्यूज़
विनय कुमार शर्मा
हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश में दूसरी बार फेली कोरोना
महामारी से पर्यटन कारोबार मैं भारी गिरावट आई है। प्रदेश में 5
फीसदी होटल और रेस्टोरेंट ही बचे हैं जो की लोगों के आए का साधन बने हुए है। हिमाचल
में पर्यटकों को वादियाँ घुमाने के लिए एक मात्र साधन टैक्सियां ही होती है जो की खड़ी
हैं, पहाड़ी
खाने का स्वाद चखने वाले पर्यटकों को पहाड़ी ढाबे सुनसान मिल रहे हैं। पर्यटन व्यपार
कम होने के कारण 7.50
लाख लोगों के रोजगार और अपने परिवार के पालनपोषण पर प्रभावित हुआ है। शिमला, मनाली, धर्मशाला
और डलहौजी में कोरोना कर्फ्यू के कारण 90
प्रतिशत लीज होटल धारकों को अपना काम छोड़ना पड़ा अधिकतर होटल तो बंद ही हैं। होटल
न चलने के चलते संचालकों ने स्टाफ को छुट्टी भेज दिया है। यही हालत चायल के 90
फीसदी होटल, मनाली में इसके अलावा होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयां बंद हो
गई हैं। डलहौजी में भी पर्यटकों की आवाजाई बंद होने के कारण पर्यटन कारोबार ठप हो गया
है। मनाली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने कहा की कोरोना कर्फ्यू लगने के कारण
पर्यटन कारोबारी बेरोजगार हो गए हैं।
आयुष मंत्रालय से मान्यताप्राप्त करिश्माई ओजोन थेरेपी अब चंण्डीगढ़ में भी उपलब्ध
'कोरोना काल' में इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर व उपयोगी साबित हो रही है ओजोन थेरेपी
सेवा भारती, चंडीगढ़ के अध्यक्ष गिरधारी लाल जिंदल ने ओजोन इम्युनिटी बूस्टर डोज़ लगवाकर किया नि:शुल्क हेल्थ कैम्प का शुभारम्भ
हिमाचल प्रदेश में मई के अंतिम सप्ताह तक कोविड वैक्सीनेशन का
तीसरा चरण शुरू हो सकता है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी से पता चलता है कि कोविड वैक्सीन की 73 लाख डोज
का ऑर्डर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को दिया है, जिस कारण इतना
समय लगेगा। इस पारी में 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को ही टीका
लगाया जा सकेगा। आगे जानकारी देते हुए एनएचएम
हिमाचल के मिशन निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि संस्थान से सरकार को आए जवाब
में बताया है कि वह हर हफ्ते पांच लाख डोज मुहैया कराएंगे। यह भी साफ किया है कि
तीसरे चरण में पहले चरणों की तरह टीकाकरण केंद्र पहुंचने पर पंजीकरण नहीं होगा। इस
बार टीका लगवाने वालों की संख्या अकेले हिमाचल में ही 31 लाख से ज्यादा होगी।
केंद्र ने कोविद या
आरोग्य सेतु एप से पंजीकरण व टाइम लेने की शर्त लगाई है। बताया जा रहा है कि यह साफ
हो गया है कि वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने के बाद लोगों में कोविड का असर न के
बराबर रहता है। वहीं, प्रदेश में कोविड मरीजों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग
ने 33 और एंबुलेंस उपलब्ध करवाई हैं। इनमें 108 एंबुलेंस सेवा की 13 व 102
एंबुलेंस सेवा की 20 एंबुलेंस हैं। डॉ जिंदल ने कहा कि प्रदेश में कुल 123 कोविड
समर्पित एंबुलेंस लोगों को सेवाएं दे रही हैं।
18 वर्ष से ऊपर के लोगों का निशुल्क टीकाकरण किया जाना चाहिए: अरुण सूद
एन टी24 न्यूज़
विनय कुमार शर्मा
चंडीगढ़
भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने चंडीगढ़ के प्रशासक बी पी सिंह बदनोर को पत्र लिखकर मांग की है कि पंजाब और हरियाणा ने अपने अपने राज्यों में जिस प्रकार से 18 वर्ष से 44 वर्ष तक के लोगों को 1 मई से निशुल्क कोविड-19 का टीकाकरण करने का निर्णय लिया है ठीक उसी प्रकार से चंडीगढ़ में भी 18 वर्ष से ऊपर के लोगों का निशुल्क टीकाकरण किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि गत बुधवार को भाजपा शासित नगर निगम के हाउस में भी एक प्रस्ताव पारित किया गया था कि नगर निगम द्वारा लगाए गए कोविड सेस से एकत्रित हुई 27 करोड़ की राशि को भी प्रशासन कोविड-19 के लिए प्रयोग करे। इस राशि का प्रयोग निःशुल्क टीकाकरण के लिए किया जा सकता है । प्रशासन द्वारा निःशुल्क टीका लगाने का यदि निर्णय लिया जाता है तो इस से चंडीगढ़ के 18 वर्ष से 44 वर्ष के लोगों को काफी राहत प्रदान होगी साथ ही उन्होंने दोहराया की इसके अलावा चंडीगढ़ प्रशासन को किसी भी काम के लिए जितने भी वॉलिंटियर्स चाहिए हो तो चंडीगढ़ भाजपा के कार्यकर्ता पूरी तरह से जनता की सेव्याआ को तैयार हैं । मानवता की सेवा करना ही पार्टी का परम कर्तव्य है। उन्होंने बताया इसके लिए चंडीगढ़ भाजपा के कार्यकर्ता कोविड-19 से ग्रस्त लोगों के घरों में निशुल्क भोजन पहुंचा रहे हैं । इसके साथ-साथ दवाइयां और अन्य सामग्री को भी पहुंचाया जा रहा है । जिन लोगों को ऑक्सीजन या अन्य किसी प्रकार की भी मेडिकल सहायता की आवश्यकता है , उसकी पूर्ति के लिए भी चंडीगढ़ भाजपा के कार्यकर्ता दिन रात लगे हुए हैं । इसके लिए पार्टी ने हेल्पलाइन नंबर 8699999599 को भी शुरू किया है जोकि 24 * 7 कार्य कर रही है। आज जिस प्रकार से कोविड-19 के चलते जो हालात बन रहे हैं, ऐसे में हम सभी को एक दूसरे की सहायता करने के लिए आगे आना ही होगा । सभी लोग एक साथ मिलकर ही इस भयंकर बीमारी को हरा सकते हैं ।
विद्यालय में आगजनी की घटना से 4 लाख का नुकसान
राकेश
शर्मा
हिमाचल
पालमपुर के वृंदावन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आगजनी
की घटना सामने आई है| आगजनी की इस घटना में एक सलेंडर भी फटने का समाचार है| मिली जानकारी
उपरांत बिंद्राबन के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भवन में अचानक आग लग गई| आगजनी
की इस घटना में एक सिलेंडर भी फटने की जानकारी प्राप्त हुई है| बताया जा रहा है कि
यह सिलेंडर स्कूल के एक कमरे में रखा था जहां बालवाड़ी बच्चों के लिए खाने का इंतजाम
किया जाता है| सिलेंडर के फटने उपरांत आसपास में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और
लोग इकट्ठे हो गए| घटना की जानकारी स्कूल प्राचार्य को दी गई| मौके पर स्थानीय पार्षद
गोपाल चंद और कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष त्रिलोक चंद भी मौके पर पहुंचे| दमकल विभाग के
वाहन ने आग पर काबू पाया| दमकल विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि आग की इस घटना से
दो कमरों को नुकसान हुआ है| आग लगने के सही कारण ज्ञात नंही हो सके हैंl
हिमाचल में प्रवेश के लिए 72 घंटे की कोरोना रिपोर्ट अनिवार्य
बिना कोरोना नेगेटिव
रिपोर्ट के होंगे 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन
टेस्ट में नेगेटिव
पाया जाने पर क्वारंटाइन रहने की जरूरत नहीं
एन टी24 न्यूज़
विनय कुमार शर्मा
शिमला
हिमाचल
में कोरोना
के बढ़ते मामलों के चलते जयराम सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। हिमाचल के चार जिलों में कोरोना
कर्फ्यू लगा दिया गया है। कांगड़ा,
ऊना, सोलन व सिरमौर
में रात दस बजे से सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू रहेगा।
यह 27 अप्रैल
से 10 मई तक लगाया गया है। यह निर्णय
यहां सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता
में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में लिया गया है। वहीं, बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के लिए 72 घंटे की आरटीपीसीआर रिपोर्ट (RT PCR Report) अनिवार्य करने का निर्णय
लिया गया है। अगर कोई बिना कोरोना नेगेटिव
रिपोर्ट आता है तो उसे 14 दिन के लिए होम क्वारंटाइन किया जाएगा।
होम क्वारंटाइन व्यक्ति को सात दिन बाद कोरोना
टेस्ट करवाने
का विकल्प
होगा। अगर वह टेस्ट में नेगेटिव
पाया जाता है तो उसे फिर क्वारंटाइन रहने की जरूरत नहीं होगी। बात दें कि हिमाचल
में कोरोना
के मामले निरंतर बढ़ रहे हैं। पिछले सात दिन में अब तक
10,205 नए मामले आए हैं।
हर वक्त मास्क लगाने से सोचने समझने की दिमागी क्षमता हो रही ख़तम : भुवनेश सूद
एन टी24 न्यूज़
हिमाचल
सर्व समाज जनहित मंच के
प्रदेश अध्यक्ष भुवनेश सूद ने प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि हमारी सरकारें कोरोना
के नाम पर लोगों को डराने धमकाने का जो काम कर रहे है वो आम लोगों की समझ से बाहर होते
जार कहा है. एक साल से कहीं लॉक डाउन, कहीं कर्फ्यू, कहीं बिमारी की दहशत, जिस से लोग
इतने भयभीत हो गए हैं और हर टाइम मास्क लगाने से लोगों की सोचने समझने की दिमागी क्षमता
भी ख़तम हो रही है. खाना पैक होते हुए तो हमे देखा एवं सुना था पर अब लाशों को भी पैक
कर के लाया जा रहा है यह एक अचम्भे से कम नहीं है. हॉस्पिटल वाले एस्ट्रोनॉट जैसे कपडे
पहन कर डेड बॉडी का अंतिम संस्कार कर रहे है और यह कहते है की इस लाश से किसी को कोरोना
वायरस ना हो जाए इसीलिए इसको पैक कर के दे रहे हैं। पर आठवीं में पढ़ने वाला एक बच्चा
भी यह बता सकता है की एक मृत शरीर कोई वायरस नहीं फैला सकता क्यूंकि ये इन्फेक्शन तो
सांस लेने एवं मुँह के द्वारा होता है। डेड बॉडी ना तो सांस लेती है और ना ही बोलती
है। तो फिर एक लाश कोरोना वायरस कैसे फैला सकती है। इसके अलावा क्या आप जानते है की
चीन में कितने ही बच्चों की मृत्यु मास्क डालने की वजह से हो गयी यह बात हमे आज तक
किसी न्यूज़ चैनल वालों ने नहीं बताईं। नई जेर्सी में एक आदमी का ऍन 95 मास्क पहनने
की वजह से सड़क हादसा हो गया. तंजानिया में बिना मास्क एवं सोशल डिस्टन्सिंग के फुटबॉल
मैच हो रहे है जिसमे पचास से साठ हज़ार लोग एक साथ स्टेडियम में मौजूद होते है . उनमे
से किसी को भी कोरोना नहीं हुआ न ही किसी की कोरोना से मृत्यु हुई. वियतनाम देश में
दस करोड़ की आबादी में आज तक कोरोना से सिर्फ पैंतीस लोगों की मृत्यु हुई. वहां पे न
तो लोगों को मास्क डालने को कहा जा रहा है, न ही दवाइयों का लोगों पर एक्सपेरिमेंट
कर रहे है और न ही लॉक डाउन लगाया गया है. तो इसके बारे में हमे क्यों नहीं बताया गया.
इसी तरह इंडियन कौंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च की 10 मई 2020 की दिशा निर्देशों में कहा था
की किसी भी मृत्यु चाहे किसी भी वजह से क्यों न हो उसको कोविद की ही डेथ डिक्लेअर करनी
है. कोई भी अगर सड़क कर मर रहा है या किसी भी दुर्घटना का शिकार हो रहा है उसको भी कोविद
की ही डेथ डिक्लेअर किया जा रहा है. तो इसी तरह लोगों को दिखया जा रहा है की हमारे
देश में कोरोना की वजह से मृत्यु दर तेज़ी से बढ़ रहा है. बड़े बड़े स्टोर्स खुले हुए है
और छोटे उद्योगों को कोरोना के नाम पर बंद किया जा रहा है. तो क्या ये बड़े स्टोर्स
कोरोना नहीं फैला रहे. हमने तो किसी भी इंसान की मृत्यु कोरोना से होते हुए नहीं देखि.
जिसको भी खांसी जुकाम बुखार हुआ वो अपने आप ठीक हो गया. मृत्यु तो सिर्फ उनकी
हुई जिन्होंने गलत दवाइयों का सेवन किया. यह कोई भी नया वायरस नहीं है यह तो सिर्फ
हमेशा से होने वाला खांसी और बुखार है. क्यूंकि जब भी कोई नया वायरस आता है तो उसपर
रिसर्च की जाती है और उसको इसोलेटे किया जाता है. पर कोरोना की बरी में तो ऐसा कुछ
भी नहीं हुआ. कोरोना के लिए इस्तेमाल की जाने वाली टेस्ट किट भी एफ डी ऐ के द्वारा
एप्रूव्ड नहीं है. पंजाब में जो किसानों द्वारा लाखों की संख्या में प्रोटेस्ट किया
जा रहा है उनमे तो किसी को भी कोरोना नहीं हुआ. कोई डिस्टन्सिंग नहीं है कोई मास्क
नहीं है फिर भी एक भी किसान को कोरोना नहीं हुआ. क्यूंकि यह बेवकूफ बनाने की चाल है.
बिल गेट ने पांच साल पहले कैसे बता दिया की कोई वायरस ऑउटब्रेक होने वाला है. यह सब
सोच समझी साजिश है. जो हमे दवाइयां दी जा रही है वो एंटीबायोटिक्स है जो की बैक्टीरिया
को मारने के लिए दी जाती है. पर कोरोना तो एक वायरस है तो फिर हमे यह एंटीबायोटिक्स
क्यों खिलाई जा रही है. साथ ही एंटी मलेरियल जैसी दवाइयां भी दी जा रही है जो मलेरिया
के मरीज़ों को दी जाती है. साथ ही एंटी अच् आई वी दवाइयां भी दी जा रही है . यह सब कोरोना
के केस में बेमतलब है. इनको इस्तेमाल करने का कोई भी प्रमाण नहीं है. डब्लू अच् औ की
सॉलिडेरिटी रिपोर्ट के मुताबिक अगर रेमटसेवेर दी जाएगी तो 100 में से 12 लोग
भगवान को प्यारे ज़रूर हो जाएंगे लेकिन सी डी सी की रिपोर्ट यह है की 100 में से
99.7 लोग कोरोना वायरस से बच सकते है . यानि की अगर 100 लोगों को वायरस होता है तो
99 तो बच ही जाएंगे परन्तु अगर दवाई खाएंगे तो सिर्फ 88 ही बचेंगे . यह है असली खेल.
लोग पूछते है की कोरोना से मृत्यु क्यों हो रही है, तो अगर हम उलटी सीधे दवाइयां खाएंगे
तो बचेंगे कैसे. इसका सही इलाज प्राकृतिक चीज़ों को इस्तेमाल करने से ही होगा जैसे की
हल्दी, तुलसी, गिलोय , नारियल पानी, मौसमी के जूस का सेवन आदि. डेनमार्क जैसे
देश में प्रोटेस्ट हो रहा है. लाखों लोगों ने प्रोटेस्ट किया तो मीडिया ने उसके बारे
में हमे क्यों नहीं दिखाया, वहां पर वैक्सीन का कानून पास हुआ था तो लोगों ने 9 दिन
सड़कों पर आ कर उस कानून को हटवा दिया. और मास्क पहनने के कारन बैक्टीरियल निमोनिया
बढ़ता जा रहा है इसके बारे में किसी को बताया क्यों नहीं जा रहा. जर्नल ऑफ़ ओर्थपेडीक
ट्रांसलेशन 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टर सर्जरी करते हुए मास्क लगते है तो बैक्टीरिया
बढ़ जाता है यानि की मास्क पहनने से बीमारी बढ़ती है. और सी डी सी की 10 जून की
रिपोर्ट के मुताबिक अगर हम मास्क को लम्बे टाइम तक पहन कर रखने से ऑक्सीजन की कमी हो
जाती है. जिससे हमारी सोचने समझने की क्षमता काम हो जाती है. और आगे चल कर दिमागी बीमारियां
भी हो सकती है. लोगों को मास्क पहनने से अस्थमा के लक्षण भी आने लग पड़े थे. हमे यह
क्यों नहीं बताया जा रहा की सूरज की रौशनी से कितने ही कीटाणु मर जाते है, खुली हवा
में कितने कीटाणु मर जाते है. हमे घर की बंद हवा में क्यों कैद कर के रखा गया है. इसी
तरह पोलियो की वैक्सीन से हर साल पचास हज़ार लकवे के नए केस आते है. यह तो मीडिया हमे
नहीं बताती. इस कोरोना वैक्सीन में भरी मात्रा में एल्युमीनियम, फोर्मेल्ड़ेहीदे, मरकरी
जैसे कैंसर करक चीज़े पड़ी हुई है इसके बारे में हमे क्यों नहीं बताया जा रहा है. मीडिया
हमे गलत खबरें सुना सुना के इतनी हद तक डरा रहा है जिस से इंसान की सोचने समझने की
क्षमता भी काम हो जाती है. इसीलिए हमे आंख बंद कर के किसी की भी बातों पर विश्वास नहीं
करना चाहिए. अपना रिसर्च अपने आप कीजिये और समझदार बनिये. और आगे आने वाले समय के लिए
खुद को तैयार कीजिये.
कांगड़ा में 13 लोगों साथ जिला में दर्ज 449 नए मामले, वहीं चार की हुई मौत
एन टी24 न्यूज़
विनय कुमार शर्मा
हिमाचल प्रदेश
कोरोना संक्रमण के मामले रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। रोजाना
करीब चार लोग कोरोना के कारण दम तोड़ रहे हैं। वहीं जिले
में 449 नए मामले सामने आए हैंl163 मरीजों ने कोरोना वायरस को मात भी दी है। वहीं दूसरी ओर 4
संक्रमण मरीजों की मौत हुई। सीएमओ
कांगड़ा डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने आगे जानकारी देते हुए बताया
कि शाहपुर के त्रेंबला गांव के 56 वर्षीय व्यक्ति की होम आइसोलेशन के दौरान
मौत हो गई है। व्यक्ति कोरोना संक्रमण के साथ शुगर का भी शिकार था। 17 अप्रैल को उसकी रिपोर्ट
पॉजिटिव पाई गई थी। वहीं, नगरोटा बगवां के मस्सल गांव के 75 वर्षीय बुजुर्ग
की टांडा अस्पताल में मौत हो गई है। बुजुर्ग संक्रमण के साथ अन्य बीमारियों से
ग्रसित था। इसके अलावा फतेहपुर के मनोह गांव की 85 वर्षीय महिला की
सीएच फतेहपुर में उसे शिफ्ट करने के दौरान मौत हो गई। वहीं ज्लावामुखी की
60 वर्षीय महिला की टांडा अस्पताल में मौत हो गई। महिला संक्रमण के साथ हाइपरटेंशन
का शिकार थी। उन्होंने बताया कि संक्रमितों में डाडासीबा के दो लोग, सीएसआईआर पालमपुर
के दो लोग, टांडा मेडिकल कॉलेज के दो डॉक्टर, धर्मशाला के 20 से अधिक लोग,
संदरोआ के दो लोग, बादहपुर के तीन लोग, पाहड़ा के चार लोग, गगल
के चार लोग, कांगड़ा के 13 लोग, नगरोटा सूरियां के पांच लोग, नगरोटा
बंगवां के 10 से अधिक लोग और जिला कांगड़ा के अन्य क्षेत्रों के लोग शामिल
हैं। जिले में अब तक कोरोना के कुल 13735 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से 10784
मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं 2663 मरीजों का उपचार चल रहा है और 286 की मौत दर्ज
की गई है।
आम आदमी पार्टी को मिली मजबूती, कांग्रेस नेता और पूर्व आर्मी कैप्टन पार्टी में हुए शामिल
आप की जनसमर्थक नीतियों और दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के कार्यों से प्रभावित होकर लोग पार्टी में हो रहे हैं शामिल : हरपाल सिंह चीमा
आज पंजाब के सभी वर्गों के लोग पंजाब बचाने और राज्य को समृद्ध बनाने के लिए एकजुट हो रहे हैं