Monday, 18 June 2018

सोमबार, 18 जून 2018 का पंचांग.



     
 * दिनांक - 18 जून 2018 *,  * दिन – सोमवार *   *विक्रम संवत - 2075* *शक संवत -1940*,  *अयन - उत्तरायण*  *ऋतु - ग्रीष्म*, *मास - ज्येष्ठ*, *पक्ष - शुक्ल*, *तिथि - सुबह 08:56 से षष्ठी*, *नक्षत्र - रात्रि 01:47 तक मघा*, *योग - सुबह 10:47 से वज्र*,  *राहुकाल - सुबह 07:40 से 09:20* ,  *सूर्योदय - 05:58*,  *सूर्यास्त - 19:21*,   *दिशाशूल - पूर्व दिशा में*,   *व्रत पर्व विवरण - स्कंद-आरोग्य-अरण्य  षष्ठी, महादेव विवाह  (ओड़िशा)*,   *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 
*  शिवपुराण * 
🏻 *ज्योतिष में कुल नौ ग्रह सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु-केतु बताए गए हैं। इन नौ ग्रहों में शनि, राहु-केतु को क्रूर ग्रह माना गया है। इनकी वजह से कुंडली के सभी शुभ योगों का असर खत्म हो सकता है। इन ग्रहों के दोष दूर करने के लिए शिवजी की पूजा सबसे सरल और कारगर उपाय है। शिवपुराण के अनुसार शिव पूजा में फूल-पत्तियां चढ़ाने का विशेष महत्व है। शिवलिंग पर बिल्व पत्र तो सभी चढ़ाते हैं, लेकिन इसके साथ ही शमी के पत्ते भी शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए।*
🏻 *शिवपुराण के अनुसार शमी पत्तों का काफी अधिक महत्व है। ये पेड़ पूजनीय और पवित्र है। घर में शमी का वृक्ष लगाने से शनि के सभी दोषों से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही, शमी के पत्ते शिवलिंग पर चढ़ाने से धन और सौभाग्य की इच्छा पूरी होती है।*
🏻 *जानिए शिव पूजा की सरल विधि और शमी की पत्तियां चढ़ाते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए...* ऐसे चढ़ाएं शमी के पत्ते*
➡ *> रोज सुबह शिव मंदिर जाएं और तांबे के लोटे में गंगाजल या साफ जल में थोड़ा सा गंगाजल मिला लें।*
➡ *> इसके बाद चावल, सफेद चंदन भी पानी में मिला लें। ऊँ नम: शिवाय मंत्र बोलते हुए ये जल शिवलिंग पर अर्पित करें।*
➡ *> तांबे के लोटे से जल चढ़ाने के बाद शिवलिंग पर चावल, बिल्वपत्र, सफेद वस्त्र, जनेऊ, मिठाई भी चढ़ाएं।*
➡ > *इसके बाद शमी के पत्ते भी चढ़ाएं।  शमी पत्ते चढ़ाते समय ये मंत्र बोलें*
*अमंगलानां च शमनीं शमनीं दुष्कृतस्य च।*
*दु:स्वप्रनाशिनीं धन्यां प्रपद्येहं शमीं शुभाम्।।*
➡  *> शमी पत्र चढ़ाने के बाद शिवजी की धूप, दीप और कर्पूर से आरती कर प्रसाद ग्रहण करें।*
🏻 *मिलते हैं ये फायदे*
*ये उपाय करते रहने से शनि, राहु-केतु के दोष दूर होते हैं और दुर्भाग्य से छुटकारा मिलता है।* *कार्यों में सफलता मिलती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।* 
*  धन प्राप्ति के लिए *
🏻 *धन प्राप्ति के लिए किए जाने वाले ज्योतिषीय उपायों में कई वस्तुओं का उपयोग किया जाता है,कमल गट्टा भी उन्हीं में से एक है। कमल गट्टा कमल के पौधे में से निकलते हैं व काले रंग के होते हैं। कमल गट्टे के उपाय से माता लक्ष्मी जल्दी ही प्रसन्न हो जाती हैं। यह बाजार में आसानी से मिल जाते हैं। मंत्र जाप के लिए इसकी माला भी बनती है।*
 *  ये हैं कमल गट्टे के 5 आसान उपाय, इनसे नहीं होती धन की कमी *
➡ *21 दिन तक 108 कमल गट्टों की आहुति यज्ञ में देने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और धन संबंधी समस्याएं समाप्त हो जाती है ।*
➡ *दुकान में कमल गट्टे की माला बिछाकर उसके उपर भगवती लक्ष्मी का चित्र स्थापित किया जाए तो व्यापार अच्छा चलता है ।*
➡ *कमल गट्टा की माला मां लक्ष्मी के चित्र पर पहना कर पूजा करने से घर में हमेशा सुख-शांति व समृद्धि बनी रहती है ।*
➡ *प्रत्येक बुधवार को 108 कमल गट्टों के बीज की आहुति देने वाले के घर से दरिद्रता हमेशा के लिए चली जाती है ।*
➡ *जो व्यक्ति कमल गट्टा की माला अपने गले में धारण करता है, उस पर माता लक्ष्मी की कृपा सदा बनी रहती है ।*




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